कर्नाटक विधानसभा की मंगलवार को 824 सीटों में से 222 सीटों के लिए मतगणना की गई। सुबह से ही शुरूआती रुझानों में कभी कांग्रेस तो कभी बीजेपी आगे दिखाई दी। दोपहर होते होते मीडिया रिपोर्ट्स में बीजेपी को बहुमत के लिए आवश्यक 112 सीटों को पार करते हुए अकेले सरकार बनाने के दावे किये जाने लगे। बीजेपी मुख्यालय सहित पूरे देश में बीजेपी की जीत का जश्न मनाया जाने लगा। लेकिन शाम होते होते जैसे ही रुझान परिणामों में तब्दील हुए बीजेपी के कार्यकर्ताओं की ख़ुशी काफूर हो गई। बीजेपी को 104 सीटें मिली जो पूर्ण बहुमत से 8 सीट कम है। जीत का निवाला मुँह में जाते जाते रह गया। कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीटें मिली है तथा दो सीटें अन्य के खाते में गई है जिसमें से एक सीट बीएसपी की है।

बीजेपी को पूर्ण बहुमत न मिलने पर दोपहर से वेंटिलेटर पर चल रही कांग्रेस में एक नई जान आ गई। और जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बनाने की उम्मीद जग गई। कांग्रेस के विधायक दल की बैठक बुलाई गई और तीसरी नंबर की पार्टी जेडीएस को सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा कर दी। जेडीएस मुखिया एच डी देवगोडा ने शाम को कांग्रेस के विधायकों से मुलाकात की। जेडीएस ने दावा किया है की उसे 118 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।
सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बीजेपी के येदुरप्पा आज सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। सुबह 11 बजे बीजेपी के विधायक दल की बैठक बुलाई गई है जिसमें सभी 104 विधायक शामिल रहेंगे। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी अपने सभी 78 विधायकों की बैठक बुलाई है। अब गेंद राज्यपाल बजुभाई के पाले में है। राज्यपाल किसे सरकार बनाने का निमन्त्रण देते है। सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को जिसके पास 104 विधायक है या जेडीएस को जो बहुमत के लिए आवश्यक जादुई आंकड़ा होने का दावा कर रही है। संविधान विशेषज्ञों के अनुसार सरकार बनाने के लिए किसे बुलाया जाये  यह पूरी तरह राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है। अबक सबकी नजर राजभवन की ओर लगी है।

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