भारतीय रेल में खानपान इंसानों लायक नहीं है ऐसी रिपोर्ट अभी कुछ दिन पहले कैग ने संसद में रखी थी। लगा अब तो कुछ बदलाव होगा लेकिन रेलवे तो भाई रेलवे है उसके कान पर जूं तक नहीं रेंगी। यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ कैसी खिलवाड़ की जा रही है इसका ताजा उदाहरण 12303 पूर्वा एक्सप्रेस में देखने को मिला जहाँ यात्री के खाने में मरी हुई छिपकली निकली। यात्रियों का आरोप था कि कोच अटेंडेंट और टीटी को शिकायत करने पर भी उन्होंने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। साथ ही जीआरपी के जवानों ने खाना बाहर फिकवा दिया। मामले का कोई हल नहीं निकलता देख यात्रियों ने खाने की फोटो सहित रेलमंत्री को ट्वीट किया। खाना खाने के बाद यात्री की तबियत बिगड़ने लगी तो ट्वीट पर संज्ञान लेते हुए रेलवे कर्मचारियों ने मुगलसराय स्टेशन पर यात्री को दवा दी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओ का एक ग्रुप झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैजनाथ धाम के दर्शन के लिए गया था | ये लोग बाबा बैजनाथ के दर्शन कर 12303 अप पूर्वा एक्सप्रेस से देवघर से इलाहाबाद लौट रहे थे | मोकामा स्टेशन के पास इन्होंने चलती ट्रेन में पेंट्रीकार में वेज बिरयानी खाने का आर्डर दिया | पैंट्री कार द्वारा दिए गए खाने को जब ये लोग खा रहे थे तभी एक डब्बे में मरी हुई छिपकली निकली | इसी दौरान एक यात्री की तबीयत बिगड़ने लगी | ट्रेन जब पटना स्टेशन पहुंची यात्रियों ने इस मामले की शिकायत की | लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया | यही नहीं पटना जीआरपी ने यात्रियों के खाने को ट्रेन के बाहर फेंक दिया | जब ट्रेन बक्सर स्टेशन के आसपास थी तो यात्रियों ने मामले की शिकायत रेल मंत्री सुरेश प्रभु और रेल मंत्रालय के ट्विटर पर की । रेल मंत्रालय ने ट्वीट पर संज्ञान लेते हुए यात्रियों की मदद के अधिकारियों को आदेश दिए। मुगलसराय स्टेशन पर डीआरएम मुगलसराय सहित सभी आला अधिकारी पहुंचे और ट्रेन के आने पर यात्रियों की लिखित कंप्लेन्ट ली गई और यात्रियों को आश्वस्त किया कि जाँच कर मंत्रालय को रिपोर्ट भेजेंगे। इस मामले में कड़ी कार्यवाही करेंगे। आश्वासन मिलने के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना हो पाई।

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